ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं, शिवभक्तों की सेवा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील
लखनऊ। देवाधिदेव महादेव को समर्पित पवित्र श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के शुभारंभ पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देश एवं प्रदेशवासियों, समस्त शिवभक्तों और कांवड़ यात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं दी हैं।
!!ॐ नमः शिवाय!!
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
उन्होंने कहा कि श्रावण मास भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, संयम, तप, भक्ति और लोककल्याण की महान परंपरा का प्रतीक है। इस पावन माह में भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक, व्रत, जप एवं कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश भी देती है।

विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि कांवड़ यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कठिन तप एवं अनुशासन का पालन करते हुए पवित्र गंगाजल लेकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास, त्याग, सेवा और राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकायों, ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा कांवड़ यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, पेयजल, यातायात एवं विश्राम स्थलों की व्यवस्था के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग समन्वय और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुगम वातावरण में अपनी यात्रा पूर्ण कर सके।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंचायत प्रतिनिधियों एवं संगठन के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा, सहयोग, स्वच्छता, पेयजल उपलब्ध कराने, प्राथमिक उपचार तथा श्रद्धालुओं के सम्मानजनक स्वागत जैसे जनसेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सामाजिक सौहार्द, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से यह पावन श्रावण मास समस्त देशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और लोकमंगल का संदेश लेकर आएगा तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होगा।

