लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा संस्थानों के निर्माण एवं संचालन से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर संतुलित और जनहितकारी नीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा नियमों का पालन सुनिश्चित कराना आवश्यक है, लेकिन ऐसी किसी भी कार्रवाई से लाखों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय अथवा अन्य शिक्षण संस्थान में स्वीकृत मानचित्र, भवन निर्माण या अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं से संबंधित अनियमितताएँ पाई जाती हैं, तो सरकार को पहले उन्हें निर्धारित समयसीमा में नियमों के अनुरूप कराने का अवसर देना चाहिए। आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्रवाई अवश्य की जाए, लेकिन शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि यह नीति केवल किसी एक शिक्षण संस्थान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। कानून के समक्ष सभी समान हैं, इसलिए नियमों का अनुपालन भी बिना किसी भेदभाव के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमों का पालन कराना, पारदर्शिता बढ़ाना तथा शिक्षा संस्थानों को विधिसम्मत बनाना होना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रहे और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो। संगठन ने आशा व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश सरकार इस जनहितकारी सुझाव पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएगी।
