लखनऊ, 23 जुलाई।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि लोकमान्य तिलक केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, स्वाभिमान और जनजागरण के अमर प्रतीक थे। उनका उद्घोष— “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकररहूँगा”— आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित में समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक ने देशवासियों में स्वतंत्रता का भाव जागृत कर राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा प्रदान की। शिक्षा, स्वदेशी, सामाजिक जागरूकता और जनसंगठन के माध्यम से उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उनके आदर्श आज भी आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में समान रूप से प्रासंगिक हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी लोकमान्य तिलक के राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और संघर्षशील व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्रहित में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति तभी सुदृढ़ होगी, जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेगा।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने इस अवसर पर देशवासियों से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सशक्त ग्राम स्वराज की भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। संगठन के पदाधिकारियों ने तिलक जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धासुमन अर्पित किए।
