ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने जारी किया संदेश, मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने का किया आह्वान
नई दिल्ली/लखनऊ, 17 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि न्याय किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति है। न्याय, समानता, मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा कानून का सम्मान ही एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की पहचान है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि मानवता के विरुद्ध होने वाले अपराधों, हिंसा, भेदभाव और अन्याय के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर प्रभावी न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। न्याय तभी सार्थक होगा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के न्याय सुलभ हो।
श्री अवस्थी ने कहा कि भारत की ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं। यदि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यायपूर्ण प्रशासन सुनिश्चित किया जाए तो सामाजिक समरसता और सुशासन को नई दिशा मिलेगी। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ग्राम स्वराज, सुशासन, पारदर्शी पंचायत व्यवस्था तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने युवाओं, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे संविधान के आदर्शों, कानून के शासन तथा न्याय के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें और ऐसा समाज बनाने में सहयोग दें, जहाँ प्रत्येक नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और समान न्याय प्राप्त हो।
श्री अवस्थी ने अपने संदेश में कहा कि न्याय केवल अदालतों का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार और प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य भी है। संगठन न्याय, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर जनजागरण अभियान चलाता रहेगा।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “आइए, अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर हम सभी न्याय, समानता, मानवाधिकारों की रक्षा तथा संविधान केआदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएँ और एक न्यायपूर्ण, समरस एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।”
