शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें, अन्यथा प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक संघर्ष के लिए तैयार रहे सचिव और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत )
लखनऊ। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने संगठन के शिकायत पोर्टल पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगातार प्राप्त हो रही पंचायत प्रतिनिधियों की शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा, अनावश्यक उत्पीड़न, विकास कार्यों में बाधा तथा भुगतान प्रक्रियाओं में विलंब किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संगठन को बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं ग्राम पंचायत सचिव स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ अपेक्षित समन्वय का अभाव, विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब, भुगतान लंबित रखने तथा अभिलेखीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता न बरते जाने जैसी समस्याएँ सामने आई हैं। यदि इन शिकायतों का तत्काल एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित नहीं किया गया तो संगठन प्रत्येक प्रकरण को शासन के समक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत करेगा।
विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि संविधान के 73वें संशोधन की भावना के अनुरूप जनता द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। उनके अधिकारों, सम्मान एवं वैधानिक दायित्वों की उपेक्षा किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) एवं ग्राम पंचायत सचिव शासन की मंशा के अनुरूप पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें तथा विकास कार्यों एवं भुगतान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ असम्मानजनक व्यवहार अथवा विकास कार्यों में अनावश्यक अवरोध की शिकायतें लगातार प्राप्त होती रहीं, तो ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन प्रदेश के सभी जनपदों में चरणबद्ध लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक आंदोलन प्रारंभ करेगा। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री, पंचायतीराज मंत्री, प्रमुख सचिव (पंचायतीराज), निदेशक पंचायतीराज ,मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं अन्य सक्षम प्राधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन देकर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन किसी प्रकार के टकराव में विश्वास नहीं करता, किंतु पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान, अधिकारों और ग्राम पंचायतों के समग्र विकास पर कोई समझौता भी स्वीकार नहीं करेगा। संगठन प्रदेश के प्रत्येक पंचायत प्रतिनिधि के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम स्तर तक संघर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है।
