इटावा । ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो उसकी शुरुआत गांवों से होगी और गांवों का भविष्य शिक्षा, डिजिटल सशक्तिकरण तथा सशक्त पंचायतों से तय होगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत यह संकल्प ले कि उसके क्षेत्र का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा तथा प्रत्येक युवा आधुनिक तकनीक और डिजिटल ज्ञान से सशक्त बनेगा।
उन्होंने “ग्राम पंचायत और शिक्षा” विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि लक्ष्य यदि सर्वोपरि हो तो आलोचना, प्रशंसा और अनावश्यक विवेचनाएं स्वतः ही अपना महत्व खो देती हैं। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सतत कर्म ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक आधार हैं। इतिहास उन्हीं लोगों को याद रखता है जो अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहते हैं।
श्री अवस्थी ने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। पंचायत प्रतिनिधि विद्यालयों को केवल अध्ययन का केंद्र न मानें, बल्कि उन्हें संस्कार, गुणवत्ता, नवाचार, चरित्र निर्माण एवं डिजिटल शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। यदि युवा तकनीकी रूप से दक्ष होंगे तो गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।
अपने संबोधन में उन्होंने संगठन की मातृशक्ति के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि आज ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की महिलाएं शिक्षा, नेतृत्व, तकनीक, सामाजिक सेवा और पंचायत सशक्तिकरण के क्षेत्र में पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. एभा पटेल (रायबरेली), राष्ट्रीय महासचिव ज्योति यादव (जौनपुर), प्रियंका तिवारी (हाथरस), डॉ. अनामिका (कन्नौज), उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मनु यादव (अमरोहा), लता वर्मा (हिमाचल प्रदेश), प्रियंका जी (मध्य प्रदेश), पावनी त्रिपाठी (कानपुर देहात), सपना चतुर्वेदी (कानपुर नगर), राधा वर्मा (प्रयागराज), सोनी सिंह (मुरादाबाद), नगमा जी (उन्नाव), अमरून निशा (लखीमपुर खीरी), बबली जी (जालौन), सुलेखा जी (कानपुर), रेनू शर्मा (हाथरस) तथा नेहा अवस्थी (सीतापुर) सहित संगठन की सभी महिला पदाधिकारियों के समर्पण, नेतृत्व और जनसेवा की सराहना करते हुए कहा कि इन सभी ने अपने कार्यों से पंचायतों की नई पहचान स्थापित की है।
उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी शक्ति उसका परिवार भाव, महिला नेतृत्व, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता है। यही भावना संगठन को निरंतर आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं नागरिकों ने सामूहिक संकल्प लिया कि हर ग्राम पंचायत शिक्षित होगी, हर युवा डिजिटल रूप से सक्षम होगा, हर बेटी को समान अवसर मिलेगा, हर विद्यालय उत्कृष्टता का केंद्र बनेगा और हर पंचायत राष्ट्र निर्माण की अग्रणी शक्ति बनेगी।
संगोष्ठी में बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे।
