ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के प्रत्यावेदन की स्वीकारोक्ति से जगी उम्मीद, शासनादेश का इंतजार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी की चर्चा के बीच प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने का प्रस्ताव सामने आया है। इस विषय पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के प्रत्यावेदन की स्वीकारोक्ति को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सभी राशन कार्ड धारकों को योजना से जोड़ने के संबंध में अभी आधिकारिक शासनादेश जारी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से राशन कार्ड धारकों को आयुष्मान योजना का लाभ उपलब्ध कराने के संबंध में प्रत्यावेदन प्रस्तुत किया गया था। संगठन के प्रत्यावेदन की स्वीकारोक्ति से इस मांग को लेकर उम्मीद जगी है। हालांकि, प्रत्यावेदन की स्वीकारोक्ति को प्रस्ताव की मंजूरी अथवा योजना लागू होने का अंतिम आदेश नहीं माना जा सकता।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को भी योजना का लाभ मिल सकता है, जो फिलहाल निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं आते हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पात्र लाभार्थियों को मिलता है पांच लाख रुपये तक के उपचार का लाभ
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यह सुविधा योजना से संबद्ध अस्पतालों में मिलती है।
शासनादेश के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
प्रदेश में करीब 3.63 करोड़ राशन कार्ड होने का आंकड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, राशन कार्डों की संख्या और लाभार्थी परिवारों की संख्या में अंतर हो सकता है। सभी राशन कार्ड धारकों को योजना में शामिल किए जाने की स्थिति में पात्रता, पंजीकरण, आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया और क्रियान्वयन की समयसीमा शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद ही स्पष्ट होगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग को आगे बढ़ाना है। फिलहाल राशन कार्ड धारकों को आधिकारिक घोषणा और शासनादेश का इंतजार करना होगा। प्रत्यावेदन की स्वीकारोक्ति को योजना लागू होने की अंतिम घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
