बीडीओ को 10-10 बिस्वा जमीन तलाशने के निर्देश, पंचायत भवन बनने से ग्रामीणों को मिलेगी सहूलियत
नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश में नवगठित 213 ग्राम पंचायतों को जल्द अपने भवन मिलने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने इन पंचायतों के लिए भवन निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक पंचायत भवन के लिए दो-दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इसके लिए विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) को 10-10 बिस्वा जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। कई विकास खंडों की ओर से भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।

मई 2026 में गठित इन नई पंचायतों के पास फिलहाल अपने कार्यालय नहीं हैं। ऐसे में कई पंचायतों का कामकाज निजी अथवा उपलब्ध सरकारी भवनों से संचालित हो रहा है। नई पंचायतों के गठन के बाद प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़कर 3,758 हो गई है। पंचायतों को अपना भवन मिलने से बैठकों, ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई और सरकारी योजनाओं के संचालन के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभा निधि का अलग बैंक खाता खोलने की व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में खाते खोले जा चुके हैं, जबकि शेष पंचायतों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इससे पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन और जवाबदेही को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने पंचायत भवन निर्माण की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत भवन ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला हैं। ग्राम पंचायतों को अपना भवन मिलने से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बैठकों, जनसुनवाई तथा विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों का निर्माण केवल इमारत बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इन्हें डिजिटल सुविधाओं, ग्राम सभा कक्ष, रिकॉर्ड रूम, पेयजल, शौचालय और दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्थाओं से युक्त किया जाना चाहिए। भूमि चयन में ग्रामीणों की पहुंच और जनसुविधा को प्राथमिकता मिले तथा निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर भी निगरानी रखी जाए।
अवस्थी ने कहा कि देश में सशक्त पंचायतीराज व्यवस्था के लिए पंचायतों को पर्याप्त संसाधन, वित्तीय अधिकार और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन पंचायतों के सशक्तीकरण और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
