पुण्यतिथि पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने पंचायतीराज के पितामह को किया नमन
कानपुर। पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत एवं लोकतांत्रिक स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पंचायतीराज के पितामह बलवंत राय मेहता जी की पुण्यतिथि पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि बलवंत राय मेहता का नाम भारत में स्थानीय स्वशासन और पंचायतीराज व्यवस्था के विकास के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों ने ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया और त्रिस्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था की अवधारणा को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता और ग्रामीण जनता की लोकतांत्रिक सहभागिता आज भी पंचायतीराज व्यवस्था के प्रमुख आधार हैं। बलवंत राय मेहता जी के विचारों को सशक्त ग्राम पंचायतों के माध्यम से आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
संगठन की ओर से कहा गया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी, जवाबदेह और जनभागीदारी आधारित बनाने की आवश्यकता है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण नागरिकों को मिलकर स्थानीय विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने बलवंत राय मेहता जी के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर सशक्त पंचायत–सशक्त गांव–सतत विकास के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
