गांधी जयंती पर आजमगढ़ के बीनापारा ग्राम पंचायत भवन में होगा समारोह, 28 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधि
नई दिल्ली । गांव की तस्वीर बदलने और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा। ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से देश के 51 उत्कृष्ट ग्राम प्रधानों को ‘पंचायत रत्न’ प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर आजमगढ़ की बीनापारा ग्राम पंचायत भवन में आयोजित भव्य समारोह में चयनित ग्राम प्रधानों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

जमीनी बदलाव करने वाले प्रधानों को मिलेगा सम्मान
‘पंचायत रत्न’ सम्मान के लिए ऐसे ग्राम प्रधानों का चयन किया जाएगा, जिन्होंने अपनी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों, जनकल्याण, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, रोजगार, पारदर्शी पंचायत प्रशासन और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। संगठन का उद्देश्य गांव के स्तर पर बेहतर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों को पहचान देने के साथ ही उनके कार्यों को देश की अन्य पंचायतों तक पहुंचाना है।
28 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों से चयन
संगठन की ओर से देश के 28 राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है। राज्यों में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप तथा पुडुचेरी से भी उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा।
दिल्ली और चंडीगढ़ चयन से बाहर
संगठन के अनुसार, दिल्ली और चंडीगढ़ में सामान्य ग्राम पंचायत व्यवस्था नहीं होने के कारण इन्हें ‘पंचायत रत्न’ चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है।
ग्राम स्वराज की भावना को मिलेगा सम्मान
दो अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह समारोह महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को समर्पित होगा। संगठन का मानना है कि गांवों का विकास ही देश के समग्र विकास की आधारशिला है और ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत जमीनी इकाई हैं।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि ‘पंचायत रत्न’ केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उन ग्राम प्रधानों के प्रति राष्ट्रीय कृतज्ञता है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने गांवों में विकास और जनसेवा की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ‘उत्कृष्ट पंचायत—सशक्त गांव—समृद्ध भारत’ की भावना को मजबूत करना है।
देशभर की पंचायतों के लिए बनेगा प्रेरणा का मंच
बीनापारा में होने वाला समारोह देशभर के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का मंच बनेगा। अलग-अलग राज्यों की ग्राम पंचायतों में किए जा रहे अभिनव और उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से अन्य पंचायतों को भी बेहतर कार्यों के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
संगठन का लक्ष्य है कि पंचायतों में जनसेवा, पारदर्शिता और विकास की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले और गांव की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सके।
