पंचायतीराज को संवैधानिक मजबूती देने में राजीव गांधी के योगदान को किया स्मरण

नई दिल्ली। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी की 82वीं जयंती के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने आज राजघाट स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके पश्चात वीरभूमि स्थित श्री राजीव गांधी जी की समाधि तथा पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी जी की समाधि शक्तिस्थल पर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी जी ने पंचायतीराज संस्थाओं को सशक्त, लोकतांत्रिक और जनभागीदारी आधारित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की। गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा सत्ता के विकेंद्रीकरण के माध्यम से आम नागरिकों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभावी भागीदारी देने की उनकी सोच ने देश की पंचायतीराज व्यवस्था को नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने कहा कि पंचायतीराज को लेकर राजीव गांधी जी की दूरदृष्टि और पहल ने आगे चलकर 73वें संविधान संशोधन के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार किया। 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतीराज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा मिला और ग्राम स्तर तक लोकतंत्र को संस्थागत मजबूती प्रदान हुई। आज देश में पंचायतीराज व्यवस्था के सशक्त स्वरूप में राजीव गांधी जी के प्रयासों और उनकी दूरदर्शी सोच को सदैव स्मरण किया जाता है।

ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से कहा गया कि राजीव गांधी जी की सोच थी कि गांवों के विकास और निर्णय प्रक्रिया में ग्रामीण जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। संगठन पंचायतीराज संस्थाओं को मजबूत, पारदर्शी, जवाबदेह और अधिकार-संपन्न बनाने के संकल्प के साथ लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और जनभागीदारी की इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा, “राजीव गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब गांव, ग्राम पंचायत और ग्रामीण नागरिक लोकतंत्र की निर्णय प्रक्रिया में मजबूत और प्रभावी भूमिका निभाएं। पंचायतीराज को सशक्त बनाना उनके जनभागीदारी और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में सार्थक कदम है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज के विचार और राजीव गांधी जी की पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत करने की दूरदृष्टि, दोनों ही गांवों को लोकतंत्र और विकास की आधारभूत इकाई बनाने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी, भारत रत्न श्री राजीव गांधी जी एवं भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी जी के राष्ट्र एवं जनसेवा के प्रति समर्पण को नमन करते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संकल्प व्यक्त किया गया।
