स्वाधीनता दिवस के अवसर पर मेरा पत्र
मेरी कलम से

प्रिय देशवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण भारत के साथियों,
15 अगस्त हमारे राष्ट्र के गौरव, संघर्ष, त्याग और संकल्प का पावन दिवस है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है, जिनके त्याग और संघर्ष से भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की।
आजादी के इस पावन पर्व पर मैं, विवेक चन्द्र अवस्थी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन, देश के सभी नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, मातृशक्ति, युवाओं और ग्रामीण भारत के प्रत्येक साथी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करता हूं।
हमारा संगठन लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला पंचायतीराज व्यवस्था और ग्राम स्वराज को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। हमारा विश्वास है कि भारत के विकास की वास्तविक शुरुआत गांव से होती है और गांव के विकास की सबसे महत्वपूर्ण संस्था ग्राम पंचायत है।
स्वतंत्रता के 79वें वर्ष में हमें यह विचार करना होगा कि हमारे गांव कितने सशक्त हुए हैं, पंचायत प्रतिनिधियों को कितने प्रभावी अधिकार मिले हैं और आम ग्रामीण नागरिक को शासन एवं विकास में कितनी भागीदारी मिली है।
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन का संकल्प है कि देश के पंचायत प्रतिनिधियों की आवाज को मजबूती से उठाया जाए, उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रयास किया जाए तथा ग्राम पंचायतों को अधिक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में सकारात्मक भूमिका निभाई जाए।
मेरी दृष्टि में सशक्त भारत की नींव सशक्त गांवों से और सशक्त गांवों की नींव सशक्त ग्राम पंचायतों से तैयार होगी। इसलिए हमें पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की संस्था नहीं, बल्कि स्थानीय लोकतंत्र और जनभागीदारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना होगा।
आज आवश्यकता है कि हम स्वतंत्रता के अमर मूल्यों—स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र और भाईचारे—को अपने जीवन और सार्वजनिक कार्यों में उतारें। जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मैं विशेष रूप से देश के पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान करता हूं कि वे अपने-अपने गांवों को स्वच्छ, शिक्षित, स्वस्थ, डिजिटल, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए जनभागीदारी के साथ कार्य करें। ग्राम सभा को मजबूत बनाएं और ग्रामीण नागरिकों को विकास की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाएं।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल तिरंगे को सलाम करने तक सीमित न रहें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लें।
आइए हम मिलकर ऐसा भारत बनाएं—
जहां हर गांव सशक्त हो,
हर पंचायत सक्षम हो,
हर नागरिक सम्मानित हो,
हर युवा आत्मनिर्भर हो,
हर महिला सुरक्षित एवं सशक्त हो,
और भारत विश्व में गौरव के साथ आगे बढ़े।
स्वतंत्रता संग्राम के सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सेनानियों एवं अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन।
तिरंगा हमारी शान है।
संविधान हमारा सम्मान है।
गांव हमारी शक्ति है।
और भारत हमारा अभिमान है।
आइए, स्वतंत्रता दिवस पर एक नया संकल्प लें—
राष्ट्र प्रथम, ग्राम प्रथम और जनसेवा सर्वोपरि।
जय हिंद!
जय भारत!
जय ग्राम स्वराज!
✍️ विवेक चन्द्र अवस्थी
राष्ट्रीय अध्यक्ष
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन
“सशक्त पंचायत — सशक्त गांव — सशक्त भारत”
