ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की पहल, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होगा सम्मान समारोह ,
19 प्रमुख थीमों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली
महिला पंचायत प्रतिनिधियों का होगा चयन

नई दिल्ली । गांवों में महिलाओं और बेटियों को सम्मान, समानता, सुरक्षा और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने तथा सामाजिक सोच में बदलाव लाने के उद्देश्य से ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन ने महत्वपूर्ण पहल की है। संगठन की ओर से महिला सशक्तीकरण एवं सामाजिक परिवर्तन की 19 प्रमुख थीमों पर उत्कृष्ट, नवाचारी और प्रभावशाली कार्य करने वाली महिला पंचायत प्रतिनिधियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।
संगठन का संकल्प है कि ग्राम पंचायतें केवल विकास कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक बदलाव की सशक्त वाहक भी बनें। इसी सोच के साथ महिलाओं और बेटियों के सम्मान, अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है।
बेटी के सम्मान से लेकर आत्मनिर्भरता तक 19 थीमों पर होगा काम

संगठन की ओर से निर्धारित 19 प्रमुख थीमों में शामिल हैं—
- सेल्फी विद डॉटर – बेटी के प्रति गर्व, सम्मान और सकारात्मक सोच।
- गाली बंद घर – अपशब्दों और अपमानजनक भाषा की संस्कृति समाप्त करना।
- दादी–पोती बुक बैंक – पीढ़ियों के बीच शिक्षा, पुस्तक संस्कृति और ज्ञान का आदान-प्रदान।
- घूंघट मुक्त पंचायत – महिलाओं की गरिमा, आत्मविश्वास और सार्वजनिक भागीदारी।
- लाड़ो मार्ग – बेटियों के सम्मान, पहचान और गौरव को प्रतिष्ठित करना।
- महिला हितैषी पंचायतें – महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका को बढ़ावा।
- बेटियों के नाम की नेमप्लेट – घरों की पहचान में बेटियों को सम्मानजनक स्थान।
- महिला एवं बालिका अधिकार, शिक्षा, स्वच्छता और समानता पर जनसंवाद – जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा।
- नशा मुक्त पंचायत – नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता और नशामुक्ति के प्रयास।
- हिंसा मुक्त एवं सुरक्षित पंचायत – घरेलू हिंसा, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न और महिला अपराधों की रोकथाम।
- आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध पंचायत – स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास, स्वरोजगार और महिला उद्यमिता।
- स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार – महिला स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया जागरूकता।
- स्वच्छता, गरिमा और मासिक धर्म स्वास्थ्य – स्वच्छता, सुरक्षित शौचालय और मासिक धर्म संबंधी भ्रांतियों को दूर करना।
- महिला नेतृत्व, सशक्त ग्राम सभा – ग्राम सभा और विकास निर्णयों में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी।
- नारी न्याय एवं अधिकार सहायता पंचायत – कानूनी अधिकारों, शिकायत निवारण और विधिक सहायता की जानकारी।
- हर बेटी विद्यालय, हर बेटी शिक्षित – बालिकाओं का नामांकन, नियमित उपस्थिति और शिक्षा में निरंतरता।
- डिजिटल नारी, आत्मनिर्भर नारी – डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन सेवाओं और साइबर सुरक्षा को बढ़ावा।
- बाल विवाह मुक्त पंचायत – बाल विवाह की रोकथाम और बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करना।
- सम्मानित नारी, समान अधिकार – भेदभाव समाप्त करना तथा समान अवसर, संपत्ति एवं उत्तराधिकार संबंधी अधिकारों के प्रति जागरूकता।
गुणवत्ता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव पर मिलेगा सम्मान
इन 19 थीमों के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पंचायत प्रतिनिधियों का चयन कार्य की गुणवत्ता, सामाजिक प्रभाव, जनभागीदारी, निरंतरता और नवाचार के आधार पर किया जाएगा। ऐसी पहलें विशेष महत्व रखेंगी, जिनसे महिलाओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया हो तथा जिन्हें दूसरी ग्राम पंचायतों में भी अपनाया जा सके।
गांवों की तस्वीर के साथ सोच बदलने का संकल्प
ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह स्पस्ट किया कि यह सम्मान उन महिला जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व, समर्पण और संकल्प का अभिनंदन होगा, जो अपने प्रयासों से गांवों की तस्वीर ही नहीं, समाज की सोच भी बदल रही हैं। संगठन की इस पहल का उद्देश्य महिला नेतृत्व को नई पहचान देना और पंचायतों में समानता, गरिमा, सुरक्षा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना है।
