उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मंडल से एक पंचायत प्रतिनिधि सहित 18 राज्यों के प्रतिनिधि सम्मानित

आजमगढ़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन की ओर से ग्राम स्वराज, जनसेवा और उत्कृष्ट पंचायत नेतृत्व को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘पंचायत रत्न–2026’ अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह आजमगढ़ जिले के मिर्जापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बीनापारा में हुआ।

समारोह में देश के 51 उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधियों को ‘पंचायत रत्न–2026’ सम्मान से सम्मानित किया गया। इनमें उत्तर प्रदेश के प्रत्येक मंडल से एक पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहा। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए उत्कृष्ट पंचायत प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित कुल 18 राज्यों के पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

पंचायत स्तर पर जनसेवा, पारदर्शिता, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला नेतृत्व, ग्रामीण विकास और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को सम्मान प्रदान किया गया।

इसी क्रम में भदोही के एक जिला पंचायत अध्यक्ष और आजमगढ़ के मिर्जापुर विकासखंड के एक ब्लॉक प्रमुख को पंचायत एवं स्थानीय स्वशासन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग पटेल रहे। मुख्य विकास अधिकारी, आजमगढ़ राकेश पटेल की अति विशिष्ट अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अनुराग पटेल ने कहा कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत और प्रभावी इकाई हैं। गांवों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन की समस्याओं के समाधान में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पंचायतें केवल सरकारी योजनाओं को लागू करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण समाज के विकास और सामाजिक परिवर्तन की आधारशिला भी हैं। यदि पंचायत प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें, तो गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

मुख्य अतिथि ने सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके कार्य अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि ‘पंचायत रत्न–2026’ सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना का सम्मान है।

उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे ग्रामसभा को अधिक प्रभावी बनाएं, विकास योजनाओं में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करें और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के माध्यम से ही ग्राम स्वराज की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

मुख्य विकास अधिकारी राकेश पटेल ने कहा कि ग्रामीण विकास तभी सार्थक हो सकता है, जब योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने ‘पंचायत रत्न–2026’ सम्मान समारोह को उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

कार्यक्रम में ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के संरक्षक विवेक गंगवार, वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक सिंह, डॉ. दिलीप लोधी, संगठन के सचिव सुरेंद्र सिंह, पूर्व निदेशक समाज कल्याण जीतेन्द्र सिंह तथा मिर्जापुर विकासखंड के खंड विकास अधिकारी मो. इदरीश विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

संगठन की ओर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रियंका तिवारी, राष्ट्रीय महासचिव राजमणि पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष मनु यादव, प्रदेश प्रभारी शौबीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मो. असलम और प्रदेश महासचिव अखिलेश सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

एम्पावर पंचायत की ओर से अमित शुक्ल, सृष्टि और युवराज सहित अन्य सहयोगी भी उपस्थित रहे।

समारोह में देश के विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग मंडलों से आए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए।

ग्राम स्वराज को मजबूत करने का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण सत्ता पंचायतीराज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने कहा कि महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज का सपना मजबूत, पारदर्शी और जनभागीदारी वाली पंचायतों के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। ‘पंचायत रत्न’ सम्मान उन पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास है, जो अपने गांव और क्षेत्र में सेवा, विकास और नवाचार की मिसाल कायम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से प्रत्येक वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर ‘पंचायत रत्न’ सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य देशभर में उत्कृष्ट पंचायत नेतृत्व को प्रोत्साहित करना और अन्य पंचायतों को बेहतर कार्यों के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित न रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनविश्वास को मजबूत करने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

समारोह में ‘सशक्त पंचायत–सशक्त गांव–सशक्त भारत’ का संकल्प दोहराया गया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और ग्रामीण विकास से जुड़े नए प्रयासों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विवेक चन्द्र अवस्थी ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित पंचायत प्रतिनिधियों, संगठन के पदाधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, सहभागिता और मार्गदर्शन से ‘पंचायत रत्न–2026’ समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।

